
“शाहाबाद में दर्दनाक सड़क हादसा: अधिवक्ता संत कुमार सिंह गौर (प्रभू जी) घायल, पुलिस पर अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज करने का आरोप”
हरदोई जनपद के शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र में 4 अप्रैल 2026 को हुए सड़क हादसे में अधिवक्ता संत कुमार सिंह गौर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस मामले में अब नया मोड़ तब आया है जब पीड़ित ने शाहाबाद पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने जानबूझकर रिपोर्ट को कमजोर किया और आरोपी को बचाने की कोशिश की।
तहरीर के अनुसार, अधिवक्ता संत कुमार सिंह गौर 4 अप्रैल को सुबह लगभग 11:20 बजे ग्राम न्यायालय से तहसील न्यायालय जा रहे थे। जैसे ही वह शाहाबाद गेट के पास पहुंचे, तभी अल्लापुर मोहल्ला सैदीखेल की ओर से तेज रफ्तार बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। बाइक पर तीन नाबालिग सवार थे और वाहन को आर्यन वर्मा पुत्र संजय कुमार चला रहा था।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हादसे के बाद बाइक मौके पर ही मिल गई थी, जिससे आरोपी की पहचान स्पष्ट थी। बावजूद इसके शाहाबाद पुलिस ने रिपोर्ट अज्ञात में दर्ज कर दी। ताकि दोषियों को बचाया जा सके।
घायल अधिवक्ता संत कुमार सिंह गौर को गंभीर हालत में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाहाबाद ले जाया गया, जहां उनके सिर में 7 टांके लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास किया।
पीड़ित ने यह भी कहा कि बाद में जब सच्चाई सामने आई, तब भी पुलिस ने लीपापोती करते हुए दोषियों को बचाने की कोशिश की। इससे साफ जाहिर होता है कि पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है और भ्रष्टाचार की बू आ रही है।
इस पूरे मामले ने क्षेत्र में आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस ही घूस लेकर आरोपियों को बचाएगी, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा।
अब पीड़ित ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा।









